दिपावली त्योहार (Dipawali Festivel!)
आज इस पोस्ट में सबसे बड़ा त्यौहार के नाम से प्रसिद्ध दीपावली (दीवाली) के त्योहार के बारे और अपने कुछ विचारों की बात करूंगा।
दीवाली त्योहार का नाम सुनते ही मन में ढेर सारी खुशियां मन में आने लगती हैं। अनेकों प्रकार की तैयारियो के बारे और ढेर इंसान सारी खरीदारी के बारे में सोच आने लगती हैं!
हर वर्ग का इंसान इस दीवाली त्योहार में अपने हैसियत के मुताबिक़ कुछ ना कुछ नया करने की सोचता हैं। चाहें वह अपने परिवार की खुशिया हो या कुछ करने की तैयारी हो!
यह दिपावली त्योहार के पर्व में ना जाने कितने दिनों के पहले से ही बहुत से इंसान अपने घरों को सजाने में लग जाते हैं।कोई अपने घरों को कई कलर्स के पेंट से सजाता हैं तो कोई अपने घरों को रंग बिरंगी लाइट बल्फ के कलर्स कि रोशनियों से भर देता हैं।
हर कोई व्योक्ति अपनी हैसियत के अनुसार अपने तरीक़े से दीपावली त्योहार मनाता हैं।
यह दिपावली त्योहार के पर्व में ना जाने कितने दिनों के पहले से ही बहुत से इंसान अपने घरों को सजाने में लग जाते हैं।कोई अपने घरों को कई कलर्स के पेंट से सजाता हैं तो कोई अपने घरों को रंग बिरंगी लाइट बल्फ के कलर्स कि रोशनियों से भर देता हैं।
हर कोई व्योक्ति अपनी हैसियत के अनुसार अपने तरीक़े से दीपावली त्योहार मनाता हैं।
यह दीवाली त्योहार जितना सुनने में अच्छा लगता है वाकई उतना अच्छा हैं नहीं और रहा भी नहीं? इस त्योहार में काफ़ी लंब संब ख़र्च हो जाता हैं!
वजह ?- 1) आज कल हम इंसानों का रहन सहन काफ़ी बदल चुका हैं! आज कल हम एक दूसरो को इग्नोर करते चलें आ रहें हैं। हमारा सभी का अब त्योहार मनाने का नजरिया बदल चुका हैं!
2) दीवाली त्योहार खर्चों का त्योहार हैं न चाह कर भी हमें अपनी औकात से भी ज्यादा ख़र्च करना पड़ जाता हैं! और कर्ज में डूब जाते हैं।
3) आज कि दिपावली में वो ख़ुशी नहीं नज़र आ रहीं हैं जो पहलेे की दिपावली में सभी के चहरे में आती थीं। वह एक ख़ुशी ही चेहरे से गायब हो गई हैं जो दिखती कुछ और हैं!
4) आज कल के ख़र्च एक दूसरे को दिखावा ओर दिखाने के चकर में इंसान को कर्जदार बनाकर ही छोड़ देती हैं जिंदगी! यह ऐसा हैं दिपावली त्योहार!
5) किसी के ज़िंदगी में नई उमंग और हर्ष उलास लाता हैं यह त्योहार, तो किसी के ज़िंदगी की खुशियों में आग लग जाती हैं ऐसा हैं यह दिपावली त्योहार! किसी को मालामाल बनाता हैं, तो कोई कंगाल हों जाता हैं ऐसा हैं यह त्योहार!
6) इस दिपावली त्योहार में कपड़ों से लेकर सोना ,चांदी, बर्तन से लेकर कई ऐसे सामानों की खरीदी बिक्र का मेला लग जाता हैं कोई खूब ख़रीद दारी करता हैं, तो कोई देख कर ही मायूसी कि हालत में ना ख़ुश हो जाता हैं ऐसा हैं यह त्योहार!
7) कुछ निम्न वर्ग के लोग दिन भर की कड़ी मेहनत करके दो वक्त की रोजी रोटी कमाते हैं लेकिन इस त्योहार की साज सजावट और चमक धमक के बाज़ार में सब कुछ खो देते हैं ऐसा हैं यह त्योहार!
8) कुछ लोग सही कहते हैं!यह दिपावली त्योहार पैसे वालेे लोगों का ही त्योहार हैं,यह त्योहार गरीब के लिए नहीं हैं!
9) अजीब सी हैं यह इंसानों की बस्ती और यह त्योहार कुछ लोगों को डेर सारी खुशियां मिल जाती हैं, तो कुछ लोग तरसते रह जाते हैं छोटी - छोटी खुशिया पाने को!
10) इस त्योहार में जब भी कोई बाज़ार में आप चलें जाईए कुछ भी खरीदने सामान में जो गुणवत्ता और जो क्वालिटी हमें मिलना चाहिए वह नहीं मिलती। हर चीज़ में लूट मची रहती हैं! क्यों कि इसी त्योहार में तो लोग जमकर पैसा ख़र्च भी करते हैं!
11) इस त्योहार में अक्सर निम्न वर्ग के लोगों का बजट बिगड़ जाता हैं! महंगी सी मिठाईयां, महंगे से फटाके,कुछ कपड़ों का भी बजट भारी महंगा पड़ जाता हैं!
12) आकाश की उचाई तक उड़ने वाले महंगे फटाके, धुआं बनकर कुछ पल के लिए ख़ुशी देने वाला यह त्योहार वाकई बहुत महंगा त्योहार हैं!
असली मायने में यह दिपावली त्योहार में अपने आस पास के लोगों की मदद करना चाहिए। इससे बड़ा त्योहार और बड़ी ख़ुशी हो ही नहीं सकती!
एक बात बहुत खलती हैं कुछ लोग हजारों रुपए के फटाके धुएं में उड़ा देने में अपनी शान समझते हैं । लेकिन कभी पर्यावरण कि चिंता नहीं करते!
एक बात बहुत खलती हैं कुछ लोग हजारों रुपए के फटाके धुएं में उड़ा देने में अपनी शान समझते हैं । लेकिन कभी पर्यावरण कि चिंता नहीं करते!
कई घंटो तक फटाकों की गूंज बड़ी ही तकलीफ़ दायक होती हैं। इस बात की कोई चिंता नहीं किसी को! ख़ैर अपने अपने तरीके से सब दिपावली का त्योहार का पर्व मनाते हैं।
दिपावली त्योहार हर साल आते रहेंगे और हर वर्ष हम में से अनेकों लोग हजारों ख़र्च करते रहेंगे। कोई बात नहीं! लेकिन अपने आस पास किसी गरीब की मदद करके उसकी प्यारी सी ख़ुशी उसके चेहरे पर जब चमकेगी तो सही मायनों में हम सभी के लिए यह बहुत बड़ा त्योहार और बहुत बड़ी ख़ुशी का पल होगा।
दिपावली त्योहार हर साल आते रहेंगे और हर वर्ष हम में से अनेकों लोग हजारों ख़र्च करते रहेंगे। कोई बात नहीं! लेकिन अपने आस पास किसी गरीब की मदद करके उसकी प्यारी सी ख़ुशी उसके चेहरे पर जब चमकेगी तो सही मायनों में हम सभी के लिए यह बहुत बड़ा त्योहार और बहुत बड़ी ख़ुशी का पल होगा।
जैसी धन की आवग वैसे ही ख़र्च की जावक बनती हैं!
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
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Dipawali Festival!
Hello friends!


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