Bird's Life!
नमस्कार दोस्तों!
आज इस पोस्ट में पक्षी के जीवन पर अपने कुछ विचार तथा उन सभी पक्षियों के जीवन से इंसान का जीवन कितना भिन्न हैं फिर भी इंसान बहुत जल्दी दुःखी हो जाता अपनी परिस्तिथिया देख कर हैं,परन्तु पक्षी कैसी भी परिस्तिथि में अपना हौसला बनाये रखती हैं।
आज एक पक्षी मेरे छत पर आ कर दाना चुन रही थीं,उसे देख कर मेरे मन में एक उत्सुकता बढ़ रही थीं, बड़ा सुकून और बड़ी ख़ुशी महशुस हो रहा थीं।
आज कि तारीख में पूरा देश लॉक डाउन में अपने घरों में बंद हैं।
वह इंसान जो अपने आप को इस आधुनिक युग का भगवान मानने लगा था। आज वही इंसान डर कर अपने घर में छुप कर बैठा है!
वह इंसान जो अपने आप को इस आधुनिक युग का भगवान मानने लगा था। आज वही इंसान डर कर अपने घर में छुप कर बैठा है!
लेकिन एक पंछी आज भी फराटे दार उड़ान भर रही है। इस नीले गगन आसमान के नीचे जहां मन चाहे वहां जाकर अपनी ज़िंदगी जी रहीं हैं।
इस आधुनिक युग का इंसान बहुत ही गंदा और घाटियां किसम का मनुष्य हैं यह बोलना कोई गलत नहीं होगा!
जैसे भी हों आज जो कोरोनावायरस का प्रकोप फ़ैला हैं, इस दरमियान कम से कम दूसरे जिव जंतु तो खुश होंगे और अपनी जिंदगी खुशहाल तरीके से जी सकेंगे!
जैसे भी हों आज जो कोरोनावायरस का प्रकोप फ़ैला हैं, इस दरमियान कम से कम दूसरे जिव जंतु तो खुश होंगे और अपनी जिंदगी खुशहाल तरीके से जी सकेंगे!
मुझे बहुत ही सुकून मिल रहा हैं, क्यों कि कम से कम शहरों में गंदगी नहीं फैल रहीं हैं। वातावरण साफ़ और बहुत अच्छा हैं, कम से कम प्रदूषण तो कम हुआ हैं जो अब सास लेने में राहत मिल सकती हैं।
आज एक पंछी रह रह कर मेरे करीब आ रही थी, शायद वह मुझसे कुछ बात करना चाहती हो! मानो उस पंछी के दिल में ढेर सारी बाते हो और आज वह कुछ कहना चाहती हो?
आखिर वह पंछी मुझ से क्या कहना चाहतीं होगी! शायद उसके मन की बातो में कुछ इस तरह की बाते हो जो की गर्मी के दिन शुरू हो गये हैं आप से प्राथना है कि पंछियो के लिए कुछ दाना पानी का इंतजाम करके अपनी अपनी छत पर रखना शुरू करे। ताकि कोई भी पंछी भूख से ना मर सके! या कम से कम किसी पंछी की मौत भूख और प्यास से न हो सके।
पंछी का कहना यह भी रहा होगा शायद कि इंसानो के जीवन से भी ज्यादा हम पंछीयो का जीवन बहुत ही कष्ट दायक होता है। हम पंछियो का जीवन कुछ ही दिनों का होता हैं, कभी कभी तो किसी हनहोनि के शिकार हो जाते हैं। या कोई भी शिकारी हमें मार कर खा जाते हैं,या आंधी तूफ़ानो में हम पंछी बहुत बुरी मौत मर जाते हैं।
हम पंछियो का जीवन सबसे ज्यादा तो तब प्रभावित होता हैं जब आंधी तूफ़ान और प्रकृति का क्रोध हमारे जीवन को ज्यादा प्रभावित कर देता हैं।
फिर भी हम पंछी अपना जीवन जीने की उम्मीद नहीं छोड़ते,नई उमंग के साथ फिर से जीने का हौशला लिए नई उडान भरते रहते हैं।
पंछी का कहना यह भी रहा होगा शायद कि इंसानो के जीवन से भी ज्यादा हम पंछीयो का जीवन बहुत ही कष्ट दायक होता है। हम पंछियो का जीवन कुछ ही दिनों का होता हैं, कभी कभी तो किसी हनहोनि के शिकार हो जाते हैं। या कोई भी शिकारी हमें मार कर खा जाते हैं,या आंधी तूफ़ानो में हम पंछी बहुत बुरी मौत मर जाते हैं।
हम पंछियो का जीवन सबसे ज्यादा तो तब प्रभावित होता हैं जब आंधी तूफ़ान और प्रकृति का क्रोध हमारे जीवन को ज्यादा प्रभावित कर देता हैं।
फिर भी हम पंछी अपना जीवन जीने की उम्मीद नहीं छोड़ते,नई उमंग के साथ फिर से जीने का हौशला लिए नई उडान भरते रहते हैं।
कई बार तो हम लोगो के घर तक उझड़ जाते है,कईयो बार तो हम पंछियो की जाने भी चले जाती है।
दुःख हमें भी होता है लेकिन इंसानो की तरह अपनी क़िस्त को नहीं कोशते रहते।
कोई भी आपदा या भवंडर आये उसे भगवान की मर्जी समझ कर फिर से अपना जीवन व्योपान करते हैं।
सच कहे तो वाकई पंछी का जीवन हम इंसानो से भी ज्यादा कष्ट दायक रहता हैं।
कुछ पंछियो का जीवन तो कुछ ही महीनो का या साल का होता हैं,हम इंसानो की तरह लम्बी उम्र तक नहीं जी सकते! इस आज की आधुनिक और आविष्कार ज़माने में हम पंछियो की बहुत सारीया प्रजातियां समाप्त होने की कगार पर हैं कईयों की प्रजातियां तो समाप्त भी हो चुकी हैं। जो कुछ भी प्रजातिया बची हुई हैं वह भी शायद कब तक जिन्दा रहेगी पता नहीं ?
आज भी वक्त हैं, हे!मानव हम पंछियो की प्रजातियों को बचाने का अगर समय रहते हमें नहीं बचाया गया तो इंसान भी इस प्रकृति पर ज्यादा समय तक जिन्दा नहीं जी सकेगा ! हालाकी इंसानो से पहले हम पंछिया जल्द समाप्त पर रहेंगे लेकिन इंसान भी जल्द ही काल की मुँह में चला जायेगा?
पंछियो का जीवन!

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें