मेरी अपनी ज़िंदगी!

नमस्कार दोस्तों। ज़िंदगी भी अजीब दास्तां हैं, खुशी तो लबो पर हैं परंतु मन में उदासी हैं। लोगों का क्या उन्हें तो बस! समाज में रहना हैं तो या...