ये वक्त मुझे गरीब ना समझ!
मुझे पता हैं! की तुझे सब कुछ पता है, ये वक़्त ! की मेरी जेब अभी खाली हैं.
यह वक्त भी गुजर जायेगा बस मुझे यकीन हैं! एक वक्त ऐसा भी आएगा मैं मुस्कुराऊंगा और तू हताश हो कर कही और चला जायेगा।
मैं हैरान और परेशांन हूँ आज तुझे हसना हैं तो हसले मेरी लाचारी पर, एक दिन मैं हसूंगा और तू रोयेगा!
यह १५ दिन मेरे लिए बहुत परशानी के गए मेरे पास ऐसा कोई बचत ही नहीं था की..........
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें