जीने की उम्मीद! (Hope to live!)

जीने की उम्मीद! (Hope to live!)


नमस्कार दोस्तों!
 आज इस पोस्ट में जिंदगी की जीने की उम्मीद पर चर्चा करने वाला हूँ। कभी कभी हर किसी के जिंदगी में ऐसा मोड़ आ जाता हैं  कि अपनी ही जिंदगी से जीने की उम्मीद ऊब जाती है!

 आंख भर जाती हैं, जब किसी कि जीने की उम्मीद ख़त्म हो जाती हैं!

कोई ऐसी खबर सुनने को मिले,जो उस खबर में मात्र आंसू आने के अलावा कुछ और ना हों!

 आपको अचानक से कैसा लगेगा! कुछ  खबर में दर्द लायक हों?

ऐसा ही कुछ पल जिंदगी से जुड़ जाए जो किसी के लिए दुःखी होने के अलावा दूसरा रास्ता ही नही बचता।

वह पल वाकई बहुत बेकार होता हैं!

ऐसा ही एक वक्त मेरे साथ आया जो मन को काफ़ी दुःखी कर ने  वाला समाचार था।

उस पल के बारे में बताने जा रहा हूं, जो अत्यंत दुःखी समय था।

कुछ दिन पहले अपनी सासू मां को हॉस्पिटल चैकअप के लिए ले गया था।

कुछ दिनों के बाद हॉस्पिटल से जो रिपोर्ट मिली, उस रिपोर्ट के मुताबिक सास को ब्रेस्ट कैंसर था, जैसे ही मेरे संज्ञान में आया तो मेरे तो होश ही उड़ गए।

कुछ जवाब ही नहीं सूझ रहा था,की ऐसे कैसे हों सकता हैं!

जो यह वक़्त था, हम सभी के लिए मुश्किल वक्त था। क्यों कि एक साल ही नहीं गुज़रा था कि मेरे ससुर जी दुघर्टना के वज़ह से उनका पैर टूट गया था।

जिस कारण से अब वह अब ठिक से चलने लायक़ भी नहीं रहें।

मानो मुसीबतों का पहाड़ टूट गया हो,जो कुछ भी पैसा था वह ससुर जी के इलाज़ में ख़र्च हो चुका था।

इस मुश्किल घड़ी में यह जानकारी को अपने सासू मां और पत्नी को कैसे देे पाऊंगा यह मेरे लिए काफ़ी मुश्किल था।

किसी तरह से उन्हें इस बात की जानकारी दे सकू यह मेरे लिए काफी अज़ीब था  और  मुझे कुछ समझ  ही नहीं आ रहा था। मैंने अपने दिल को कठोर करके उन्हें समझाने की कोशिश की  जब उन लोगों  को बताया तो वह काफ़ी रोना शुरू कर दिए थे, लेकिन समझाने के बात शांत हुए।

कहते हैं कि जब किसी बीमार इंसान को उसकी बीमारी के बारे में पता चल जाता हैं उसके जिंदगी में उदासी छा जाती हैं।

वैसे हीं मेरी सासू मां को इस बीमारी के बारे में पता चला तो सासू मां ने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी।

बस उनका यहीं कहना था कि अब मेरे पास ज्यादा समय नहीं बचा हुआ हैं क्या मैं मर जाऊंगी?

जब से जानकारी मिली थीं तब से सासू मां का रो रो कर बुरा हाल हो चुका था।

डॉ. ने जब रिपोर्ट दी तब ही बोल दिए की जितना जल्दी हों सके उतना जल्द ऑपेरशन करवाना ठिक रहेगा।

ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने जब बजट बताया तो पैरों तले ज़मीन ही खिसक गई थीं। क्यों कि डॉक्टर लोगों का बताने का तरीक़ बहुत ही अनोखा होता हैं, बस एक ही आसान बातों में कह देते हैं कि कम से कम में हो जायेगा।

यह कम से कम कि बात का बजट दो से तीन लाख तक का था।

हमनें कुछ दिन का समय लेकर प्रायवेट हॉस्पिटल से निकलना ही सही समझा! क्यों की इतना बजट हमारे बस में नहीं था?

हमारे सामने एक बहुत बड़ी समस्या यह थीं कि इतनी जल्द इतने  पैसों का कैसे इंतज़ाम हों पायेगा?

कुछ दिनों के बाद हमने निर्णय लिये कि ऑपारेशन तो करना ही हैं, क्यों ना सरकारी  हॉस्पिटल में ही किया जाय।

सरकारी हॉस्पिटल में बजट कम ज़रूर लगता हैं लेकिन समय अधिक लग जाता हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज सही वक्त में हुआ नहीं यह भी एक डर लगा रहा था!

सरकारी अस्पतालों के हिसाब से जीतने भी टेस्ट थे वह पूरे किए गए।

वह समय भी आ गया जिस दिन ओपरेशन होना था लेकिन मैं उसी दिन काम के सिलसिले में दूसरे शहर चलें गया था।

मुझे बहुत अफ़सोस हुआ कि इस मुश्किल घड़ी में अपनी सास और पत्नी के साथ नहीं रह सका।

यह जो ओपरेशन का वक्त होता हैं हॉस्पिटल का बहुत ही भागम भाग वाला समय होता हैं।

हॉस्पिटल में इधर उधर जाने के चकर में बहुत ज्यादा मेरी पत्नी थक गई थीं। ऊपर से बरसात में गीला हो जाने से सर्दी जुखाम से परेशान थीं।
जब सासू मां को ओ टी पी में ले जाया गया  तब  मेरी पत्नी घबराई हुई थी। उसने मुझे फोन लगाया और फोन पर बहुत रोने लगी कि अब क्या होगा!

मैंने उसे बहुत समझाया कि रोते नहीं सब ठीक हो जायेगा। मुझे भी बहुत रोना आ रहा था लिकिन मैं रोया नहीं।

ऑपरेशन करीब चार घंटे तक चला और सफल भी रहा।

जब ओ टी पी से सासू मां को बाहर निकाला गया,तब थोड़ा मन को राहत मिली कि अब सब ठीक रहा।

हॉस्पिटल के सारे टेस्ट होते तक सासू मां की ज़िन्दगी ही बदल गई उन्हें एक नई ज़िंदगी मिली हैं।
जो सारी मुश्किलों से मुक्ति मिलने के बाद आज फ़िर से जीवन जीने की नई उम्मीद जगी हैं। भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सासू मां के जीवन में जो जीने कि नई उम्मीद जगी हैं उस उम्मीद को लंबी उम्र लग जाय, तथा उनके जीवन की नई शुरवात सफलता पूर्वक बनी रहें।
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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