मेरी अपनी दिनचर्या!(My own routine!)


                            मेरी अपनी दिनचर्या!(My own routine!)


नमस्कार दोस्तों!

आज इस पोस्ट में, मैं अपनी दिन चर्या के बारे में अपने कुछ विचार इस लेख के माध्यम से कुछ कम शब्दों में रखूँगा। 

दिन की शुरुआत ठीक नहीं रही, आज सुबह से ही आलस्य लग रहा था।

दिन शुभ या अशुभ था यह मै दोष नहीं देना चाहता,कुछ कमिया मुझमे ही है जो शायद मुझे नज़र नहीं आती।

मेरी सुबह की शुरवात बिलकुल भी ठीक नहीं रही, "ना ही व्यायाम न कसरत, "ना ही कोई योगा कुछ भी नहीं किया।

पता नही क्या हुआ, जब की मैं जल्द ही सो कर उठ ज़रूर गया था, परंतु फ़िर से बिस्तर पर जाकर लेट गया।  लेकिन सोया बिल्कुल नहीं था!

मन में बहुत से विचार आ रहें थे,मन में उथल पूथल चल रही थी। कुछ देर के लिए अपने काम के बारे में सोच रहा था, तो कुछ पल में यह ख़्याल आ रहा था कि ज़िंदगी में आगे के रास्ते कैसे तय करना चाहिए।

कुछ भयानक तस्वीर बन कर मन में उभर रही थीं कि आने वाला समय कैसा होगा? रोज़मर्रा की वस्तुएं जो थोड़ा बहुत संघर्ष कर के  वक्त में बहुत हीं आसानी से मिल जाती हैं।

कल चल कर ये ही चीजे आने वालें वक्त के लिए मुसीबत ना बन जाए? यह मेरे विचार थे!

अभी तो सिर्फ़ 30 से 40 दिनों का ही लॉकडॉउन हुआ है। फ़िर भी दिन में हीं डरावना सपना दिख रहा हैं! अभी से तो यह हाल हैं! ना जाने आगे और कितनी मुसीबतें आएंगी।

ऐसे परिस्थिति में नौकरी पेशा लोगों के मन में एक डर सताने लगा हैं कि नौकरी का क्या होगा रोज़ मर्रा जीवन में चलने वाले ख़र्च  को कैसे मैनेज़ या बैलेंस बनाके चलेंगे। यह एक बहुत बड़ी चुनौती बन सकतीं हैं।

आज ऑफिस में भी हम सभी कर्मचारियों के बीच नौकरी के बारे में खूब चर्चा चली थी। यह अभी की स्थिति में सभी कंपनियों के लिए बुरा दौर शुरू हो गया हैं।

किसी भी कंपनी के पास कोई काम नहीं रहेगा तो वह अपने कर्मचारियों को कैसे पाल पोस सकता हैं। उस कंपनी के लिए भी वैसा ही चैलेंज है जैसे की उस कर्मचारियों के लिए, अपने परिवार को पालने का?

सोच के ही रूह कापने लगती हैं और दिल कि धड़कन थमने लगती हैं। यह बात सिर्फ़ एक कंपनी और एक कर्मचारी तक ही सीमित नहीं हैं ,ऐसी डरावनी परिस्थिति सभी के समक्ष आने लगी हैं।

लोग रोज़ी रोटी के लिए तरस जाएंगे, काम नहीं मिलने से लोग डिफ्रेसन के शिकार हो जाएंगे। लोगों की भावनओं की कोई क़दर नहीं होंगी।

जाने कितने लोग आत्महत्या कर लेंगे,एक दूसरे को मारने काटने के लिए उतारू भी बन जाएंगे।
चोरी की वारदाते बड जाएंगी, ना जाने ऐसी अनगिनीत घटनाये बढ़ जायेंगी।   

आज कि स्थिति में सब अपनी मेहनत खून पसीने की कमाई कर खा रहे हैं।

बाद में न जाने लूट,छीनकर खाने की नौबत ना आ जाए। ऐसे मेरे अपने विचार हैं!


ख़ैर ईश्वर ऐसे दिन कभी भी ना आने दे, ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि इस महामारी कि जंग को जीतने की शक्ति हम इंसानों में भर दे और इस महामारी की जंग से हम जीत कर ही दम ले।

इस महामारी वक्त में आप अपना और अपनों का ठीक से और बेहतरीन तरीके से ख्याल रखें तभी आने वाले वक्त में हम इस देश का ख्याल रख सकते हैं।



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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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