बे मौसम बारिश!(Bay weather rain!)
नमस्कार दोस्तों!
आज इस पोस्ट में, बे मौसम बारिश! की बाते होगी। आज कल बारिश भी बिन बुलाये मेहमान की तरह आ जाती हैं!
आज कल की बे मौसम बारिश! का कोई भरोसा नहीं रहा।
आज दोपहर के करीबन 2:00 से 3:00 के बीच हवा के साथ साथ में खूब तेज बारिश भी हो रही थी।
रुक रुक के हवा अपना रंग रूप तेज़ गति में बदल रहा था।
रुक रुक के हवा अपना रंग रूप तेज़ गति में बदल रहा था।
कुछ अंतराल के बिच बिच में बर्फ के ओले भी छोटे-छोटे साथ में गिर रहे थे,अचानक से मौसम में इस तरह का बदलाव देखकर हैरान रह गया।
पानी गिरना तो बंद हो गया था लेकिन हवा काफी रफ्तार से चल रही थीं बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली का जोरों से टकराना अजीब सा डर लग रहा था।
मौसम का आना और बे मौसम बारिश होना, यह एक जलवायु परीवर्तन का अपना बदलाव हो सकता हैं।
कुछ देर पश्चात तेज हवाओं के साथ फिर से पानी गिरना शुरू हो गया, ऐसा लग रहा था कि अब बरसात बहुत देर तक होने वाली हों परंतु ऐसा हुआ कुछ नहीं और बरसात का पानी थम गया।
कुछ देर पश्चात तेज हवाओं के साथ फिर से पानी गिरना शुरू हो गया, ऐसा लग रहा था कि अब बरसात बहुत देर तक होने वाली हों परंतु ऐसा हुआ कुछ नहीं और बरसात का पानी थम गया।
कुछ वक्त के बाद फिर से मौसम साफ हो गया और धूप तेज निकल आई।
जब धूप निकल आई है तो तब चारों ओर का नजारा देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो कुछ भी नहीं हुआ हो ऐसा प्रतीक हो रहा था।
यह प्रकृति का मज़ाक बड़ा ही सुहाना सा था, इतनी तेज़ हवा और तूफ़ान आया लेकिन निशान कई भी नजऱ नहीं आ रहा था।
यह प्रकृति का मज़ाक बड़ा ही सुहाना सा था, इतनी तेज़ हवा और तूफ़ान आया लेकिन निशान कई भी नजऱ नहीं आ रहा था।
जिस तरह हमारी जीवन पर सांसों का अधिकार हैं, तब तक हम चलती फिरती मशीन हैं।
जिस दिन इस शरीर से सांसे निकल जाएगी यह शरीर कुछ भी काम का नहीं रहेंगा।
उसी तरह प्रकृति की नियति हैं, अग़र प्रकृति जिस दिन भी नाराज़ हुईं। उस दिन सभी के लिए आख़री पल होंगे।
जिस दिन भी हल्की सी करवट लेना शुरू कर दिया प्रकृति ने, तो सभी जिव जंतु के लिए विनाशकरी होग़ा। सभी इस काल के मुंह का निवाला बन जायेंगे।
जिस दिन भी हल्की सी करवट लेना शुरू कर दिया प्रकृति ने, तो सभी जिव जंतु के लिए विनाशकरी होग़ा। सभी इस काल के मुंह का निवाला बन जायेंगे।
यह सत्य हैं कि हम से प्रकृति नहीं, प्रकृति से हम सब जिव जंतु हैं।
हम सभी का कर्तव्य बनता हैं की हम सब इस प्रकृति की सुंदरता को बनाये रखने में अपना योगदान दे।
ढेर सारे हमें पेड़ लगाने चाहिए, इस पर्यावरण को साफ़ रखने के लिए हम सब को मीलकर प्रदूषण फैलने से रोकना होगा।
हमें अपने कर्तव्य का पालन करना होगा।
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It is true that we are not nature, we are all by nature
Animals are animals.
It becomes our duty to all of us to contribute to the beauty of this nature.
We must plant lots of trees, to keep this environment clean, we all have to stop spreading pollution.
We must perform our duty.
ढेर सारे हमें पेड़ लगाने चाहिए, इस पर्यावरण को साफ़ रखने के लिए हम सब को मीलकर प्रदूषण फैलने से रोकना होगा।
हमें अपने कर्तव्य का पालन करना होगा।
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It is true that we are not nature, we are all by nature
Animals are animals.
It becomes our duty to all of us to contribute to the beauty of this nature.
We must plant lots of trees, to keep this environment clean, we all have to stop spreading pollution.
We must perform our duty.


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