क्या सच में कोरोना वायरस को नहीं रोक पाये!
Could you really stop the corona virus!
इस पोस्ट में मैंने अपने मन के विचार तथा कुछ वर्तमान की बातो के बारे में वर्णन करने की कोशिश की हैं।
इस 40 दिन के लॉक डाउन में हम सबको क्या मिला यह सोचने वाली बात हैं?
What did we all get in this 40-day lock-down?
जिस दिन से अपने देश में डाउन हुआ, उस दिन से देश के सभी लोग एक ही बात की प्राथना करते थें कि कब जल्द से जल्द इस लॉक डाउन से मुक्ति मिलेगी ।
हम सब घरों से कब बाहर निकलेंगे, कब हम अपने अपने काम पर लग सकेंगें? यह विचार हम सभी के मन में कई यो बार आया होग़ा।
परंतु परिणाम यह होते गए की लॉक डाउन कि तारीक़े बदलती रही लेकिन कोई राहत मिलती नजऱ नहीं आ रहीं हैं।
परंतु परिणाम यह होते गए की लॉक डाउन कि तारीक़े बदलती रही लेकिन कोई राहत मिलती नजऱ नहीं आ रहीं हैं।
कुछ दिनों के बाद किसी प्रकार से कहीं कहीं जगहों पर हल्की फुल्की छूट देखने को मिलीं, परंतु उसमें भी शर्तें लागू थीं।
जिस जगहों पर भी जो कहीं छूट मिली वहा पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते नज़र आए काफ़ी लोग, और अपना बचाव भी करते रहें।
लेकिन कल की कुछ राज्यो के राज्य सरकारों की छूट ने बहुत से लोगों का मन दूखा दिया। काफ़ी शहरों में शराब की दुकानें खोलने कि अनुमति मिल जाने की वज़ह से चिंतित रहें।
इस देश का दुर्भाग्य हैं कि जहां छोटे बड़े व्यापारि लोग इस उम्मीद में थे कि कहीं सरकारें दुकानें खोलने कि अनुमति देे!
जो कि सभी व्यापारी लोग सोशल डिस्टेंस का पालन कर अपना बिज़नेस शुरू कर पाते?
लेकिन किस्मत देखिए इन सरकारों को - ना हीं छोटे बड़े बिज़नेस वाले नज़र आए, ना ही उनका नुक़सान?
बस नज़र आया तो सिर्फ़ शराबों की दुकानें.... घोर कलयुग! आ गया हैं।
जहा कुछ वर्ग के लोग इस बात का इंतजार कर हैं कि कब उनके मंदिर, मस्जिद खुलने की अनुमति मिलें?
जहा कुछ वर्ग के लोग इस बात का इंतजार कर हैं कि कब उनके मंदिर, मस्जिद खुलने की अनुमति मिलें?
यह दिन और तारीक भूलने लायक नहीं,काफ़ी जगहों पर शराब दुकानों को खोलने की अनुमति जैसे हीं मिली, वहा कि स्थिति देखने लायक़ थीं।
शराब प्रेमियों की खुशियों का तो मानो कोई ठिकाना नहीं था, शराब पीने वालों के लिए यह उत्सव क़िसी त्योहारों से कम नहीं था। शराब पीने वाले लोग की हालत देखकर ऐसी लग रहीं थीं,कि जैसे कई सालों से प्यासे हो।
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| Wine Shop |
जब शराब दुकानें खोलने का समय निर्धारित किया गया उस समय के पहले हि लोग भूखे प्यासे लाईन में लंबी लंबी कतारों में लगे रहें अतः शराब दुकान खुलने का इंतजार करते रहें।
मज़े की बात कहें तो लोगों को शराब के लिए ना ही कोई गर्मी की परेशानी, ना ही कोई धूप कि चिंता, बस एक चिंता बनी हुई थीं उस शराब के दर्शन कब कब हों।
लोग इस महामारी कोरोना वायरस में यह भी भूल गए कि घर पर उनका परिवार इंतजार कर रहा होगा।
आज लोग शराब की चाहत में सोशल डिस्टेंस का भी ख्याल रखना भूल गए। कहीं जगहों पर तो लोगों को पुलिस के हाथों से डंडे तक खाना पड़ गया।
यह सब स्थिति देख कर आज मन दुःखी बहुत हुआ, क्यों की इस महामारी रोग का एक ही इलाज़ था अपने ही घर पर रहें एवम् सोशल डिस्टेंस का पालन करें, तथा अपने मुंह पर मास्क लगाए।
इस corona viruse को हराने के लिए तथा इसे रोकने के लिए हम सब कितना संघर्ष कर रहें हैं।
Corona viruse हार जाए इसलिए हम सभी लोग 40 दिन तक अपने ही घरों में रहते आ रहें हैं।
जो कुछ भी हुआ वह बहुत ही ग़लत हुआ हैं यह सब नहीं होना था।
जो कुछ भी हुआ वह बहुत ही ग़लत हुआ हैं यह सब नहीं होना था।
परंतु आज के परिणामों को देख कर ऐसा लग रहा हैं कि हम सभी के 40 दिनों का लॉक डाउन का पालन करने का प्रयास बेकार रहा।
इस बड़ी सी ग़लती की जिम्मेदारी अपने सर कौन ले, जो कहें कि आने वाले दिन हम सभी के लिए बेहतर और अच्छे रहेंगे?
जो कुछ हुआ उसे बुरा सपना समझ कर भूला भी नहीं सकते।
आने वाले दिनों में यह एक डर सताते रहेगा कि जो गलती आज हुईं हैं, वह भविष्य में उसका परिणाम बुरा ना मिले।
आप सभी से गुज़ारिश हैं कि अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें और सावधानियां बरतें।
जहां पर भी जाना बहुत ही ज़रूरी हो तब ही जाए अन्यथा ना जाएं।
जब भी घर से निकले तो मुंह पर कपड़ा या मास्क जरूर लगायें,अपने साथ में या पैंट की जेब में हो सकें तो एक सेनीटाइजर की बोतल छोटा-सा जरूर रखें।
जब भी आप बहार से कही से भी घूम के आये तो अपने हाथ, पैर, मुंह साबून से अवश्य साफ़ करें।
अपने घर पर ही रहें अपनों के साथ, सुरक्षित रहें अपना ध्यान रखें।
जहां पर भी जाना बहुत ही ज़रूरी हो तब ही जाए अन्यथा ना जाएं।
जब भी घर से निकले तो मुंह पर कपड़ा या मास्क जरूर लगायें,अपने साथ में या पैंट की जेब में हो सकें तो एक सेनीटाइजर की बोतल छोटा-सा जरूर रखें।
जब भी आप बहार से कही से भी घूम के आये तो अपने हाथ, पैर, मुंह साबून से अवश्य साफ़ करें।
अपने घर पर ही रहें अपनों के साथ, सुरक्षित रहें अपना ध्यान रखें।
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You are requested to take care of yourself and your family and take precautions.
Wherever it is very important to go, then go only otherwise.
Whenever you come out of the house, put a cloth or mask on the mouth, keep a small bottle of sanitizer in your hand or in a pocket of pants.
Whenever you come from anywhere outside the place, you must clean your hands, feet and mouth with soap.
Stay at home with your loved ones, stay safe and take care of yourself.


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